उत्तराखंड में फिर बारिश का कहर! केदारनाथ यात्रा पर संकट, भूस्खलन से कई रास्ते बंद; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट

उत्तराखंड में भारी बारिश से केदारनाथ यात्रा प्रभावित हुई है। रुद्रप्रयाग में भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हैं, जबकि IMD ने अगले 72 घंटों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई पहाड़ी जिलों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सबसे ज्यादा असर चारधाम यात्रा, विशेष रूप से केदारनाथ धाम यात्रा, पर पड़ा है। रुद्रप्रयाग जिले में कई स्थानों पर भूस्खलन होने से प्रमुख सड़कें बाधित हो गई हैं, जबकि प्रशासन ने यात्रियों से अनावश्यक यात्रा न करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है।
भूस्खलन से बाधित हुई केदारनाथ यात्रा
रुद्रप्रयाग, गौरीकुंड और सोनप्रयाग मार्ग पर लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इससे यात्रा मार्ग कई बार बाधित हुआ और प्रशासन को सड़कें साफ करने के लिए मशीनें लगानी पड़ीं।
सुरक्षा कारणों से कई स्थानों पर यात्रियों को रोक दिया गया, ताकि मौसम सामान्य होने के बाद ही आगे बढ़ने की अनुमति दी जा सके।
प्रशासन ने यात्रियों को दी महत्वपूर्ण सलाह
जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें। जिन यात्रियों की यात्रा अभी शुरू नहीं हुई है, उन्हें फिलहाल मौसम सामान्य होने तक प्रतीक्षा करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लिया जाएगा।
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कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी और पौड़ी गढ़वाल समेत कई जिलों में भारी बारिश जारी रह सकती है।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में:
- भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
- नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
- सड़क संपर्क प्रभावित हो सकता है।
- संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राहत एवं बचाव दल अलर्ट मोड पर
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं। जहां भी सड़कें बाधित हो रही हैं, वहां जेसीबी और अन्य मशीनों के जरिए रास्ता खोलने का कार्य लगातार जारी है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों से भी नदी-नालों के किनारे जाने और पहाड़ी ढलानों के पास रुकने से बचने की अपील की है।
चारधाम यात्रा पर बढ़ी निगरानी
चारधाम यात्रा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मौसम खराब होने के कारण प्रशासन यात्रा प्रबंधन पर विशेष निगरानी रख रहा है। यात्रियों को समय-समय पर मौसम अपडेट, ट्रैफिक सूचना और सुरक्षा निर्देश दिए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम बेहद तेजी से बदलता है, इसलिए यात्रियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटों तक उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा भी दर्ज की जा सकती है, जिससे भूस्खलन और सड़क अवरोध की घटनाएं बढ़ने की आशंका है।
ऐसे में प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने जैसे फैसले भी लिए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने एक बार फिर यह याद दिला दिया है कि पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान यात्रा बेहद सावधानी से करनी चाहिए। फिलहाल केदारनाथ यात्रा जारी है, लेकिन मौसम की स्थिति को देखते हुए यात्रियों को केवल आधिकारिक अपडेट के आधार पर ही अपनी यात्रा की योजना बनानी चाहिए।
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Correspondent · GroundWireDaily Media
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