कांवड़ कैंपों में अब शाही पनीर, पिज्जा भी परोसा जा रहा, प्रशासन कर रहा सख्त जांच

उत्तर प्रदेश के कांवड़ कैंपों में इस बार शाही पनीर, पिज्जा और लहसुन-प्याज रहित मोमोज जैसे व्यंजन परोसे जा रहे हैं। जिला प्रशासन खाने की क्वालिटी और साफ-सफाई की लगातार जांच कर रहा है।
उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा के दौरान लगाए गए कैंपों में इस बार खाने-पीने की वैरायटी देखने को मिल रही है। कांवड़ियों के लिए बनाए गए प्राइवेट कैंपों में अब सिर्फ पारंपरिक खाना ही नहीं, बल्कि शाही पनीर, पिज्जा और लहसुन-प्याज रहित मोमोज जैसे आइटम भी परोसे जा रहे हैं।
इन कैंपों की व्यवस्था और खाने की क्वालिटी पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन लगातार निरीक्षण कर रहा है। अधिकारी कैंपों में जाकर खाने की गुणवत्ता, साफ-सफाई के इंतजाम और कुल मिलाकर व्यवस्था को परख रहे हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी तरह की दिक्कत न हो।
निरीक्षण के दौरान इस बात पर खास ध्यान दिया जा रहा है कि खाना बनाने और परोसने में हाइजीन का पूरा ख्याल रखा जाए। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि कैंप संचालक तय मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
कांवड़ यात्रा क्या है?
कांवड़ यात्रा सावन के महीने में मनाई जाने वाली एक प्रमुख धार्मिक परंपरा है, जिसमें लाखों शिव भक्त कांवड़िए गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हुए अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचते हैं। इस यात्रा के दौरान रास्ते में जगह-जगह कैंप लगाए जाते हैं, जहां कांवड़ियों के लिए ठहरने, खाने-पीने और आराम करने की व्यवस्था की जाती है। ये कैंप अक्सर सामाजिक संगठनों, धार्मिक ट्रस्टों और स्थानीय लोगों की तरफ से सेवा भाव के साथ चलाए जाते हैं। हर साल इस यात्रा में उत्तर प्रदेश समेत उत्तर भारत के कई राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं, जिसके चलते प्रशासन को कैंपों की व्यवस्था और सुरक्षा पर खास ध्यान देना पड़ता है।
Groundwire
Correspondent · GroundWireDaily Media
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