Noida Prahari Portal से टेंडर प्रक्रिया वापस, पुराने E-Tender सिस्टम की ओर Authority

नोएडा अथॉरिटी ने Prahari Portal के जरिए टेंडर प्रक्रिया को वापस लेते हुए पुराने E-Tender सिस्टम पर लौटने का फैसला किया है। यह बदलाव टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी तकनीकी समस्याओं के बीच सामने आया है।
Noida News: नोएडा अथॉरिटी से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में एक अहम बदलाव सामने आया है। Prahari Portal के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की व्यवस्था वापस लिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया पुराने E-Tender सिस्टम के माध्यम से किए जाने की बात कही जा रही है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब Prahari Portal को लेकर टेंडर प्रक्रिया में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें सामने आई थीं। इससे पहले पोर्टल पर टेंडर से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं होने और “Data Not Found” जैसे संदेश दिखाई देने की समस्या रिपोर्ट की गई थी।
Prahari Portal को लेकर क्या समस्या सामने आई थी?
Prahari Portal के जरिए टेंडर प्रक्रिया को डिजिटल बनाने और उससे जुड़ी गतिविधियों को ऑनलाइन संचालित करने की व्यवस्था शुरू की गई थी। अगस्त 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी ने अपनी ई-टेंडर प्रक्रिया को Prahari Portal के माध्यम से संचालित करने की नई व्यवस्था लागू की थी।
हालांकि, इसके बाद पोर्टल पर टेंडर से जुड़ी जानकारी देखने में दिक्कतों की शिकायतें सामने आईं। रिपोर्ट किए गए मुद्दों में टेंडर लिस्टिंग दिखाई नहीं देना और “Data Not Found” संदेश शामिल था।
अब पुराने E-Tender सिस्टम से होगी प्रक्रिया
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी ने Prahari Portal के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की व्यवस्था वापस लेते हुए पहले से इस्तेमाल किए जा रहे E-Tender सिस्टम पर लौटने का निर्णय लिया है।
इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया के लिए पुराने E-Tender सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध स्रोतों में इस फैसले के पीछे अथॉरिटी द्वारा कोई विस्तृत आधिकारिक कारण या विस्तृत स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं है।
नोएडा अथॉरिटी के मौजूदा टेंडर रिकॉर्ड भी उत्तर प्रदेश के आधिकारिक eProcurement सिस्टम पर उपलब्ध हैं। उदाहरण के तौर पर, सितंबर 2026 में New Okla Industrial Development Authority के नाम से कई टेंडर रिकॉर्ड आधिकारिक पोर्टल पर दिखाई दे रहे हैं।
ठेकेदारों के लिए क्या बदलेगा?
टेंडर प्रक्रिया में बदलाव का असर उन ठेकेदारों और कंपनियों पर पड़ सकता है जो नोएडा अथॉरिटी के विकास कार्यों से जुड़े टेंडर में हिस्सा लेते हैं। ऐसे आवेदकों के लिए यह जरूरी होगा कि वे संबंधित टेंडर की आधिकारिक सूचना, दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया को ध्यान से देखें।
विशेष रूप से किसी भी टेंडर के लिए आवेदन करने से पहले official E-Tender portal पर उपलब्ध नवीनतम जानकारी और संबंधित tender notice को ही आधार बनाया जाना चाहिए।
पहले की व्यवस्था से अलग बदलाव
Prahari Portal की व्यवस्था लागू होने के दौरान तकनीकी मूल्यांकन और टेंडर प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों में पोर्टल की भूमिका निर्धारित की गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार से संबंधित दस्तावेजों में Prahari Portal और E-Tender portal के बीच प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों का उल्लेख भी मिलता है।
अब नोएडा अथॉरिटी द्वारा पुराने E-Tender सिस्टम की ओर लौटने की जानकारी टेंडर प्रक्रिया से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट है।
फिलहाल इस बदलाव के बाद आगे की टेंडर प्रक्रिया किस तरह संचालित होगी और Prahari Portal की भविष्य में क्या भूमिका रहेगी, इसकी विस्तृत जानकारी संबंधित आधिकारिक सूचना के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
नोट: Prahari Portal से जुड़ी समस्याओं और उसके बाद टेंडर प्रक्रिया बदलने के बीच संबंध को किसी आधिकारिक स्रोत ने इस लेख के लिए प्रत्यक्ष रूप से स्थापित नहीं किया है। इसलिए इसे किसी खबर के कारण हुआ निर्णय मानने के बजाय घटनाक्रम के रूप में देखा जाना चाहिए।
Ujjwal kaushik
Correspondent · GroundWireDaily Media
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