G7 समिट में भारत की दमदार मौजूदगी: फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे पर पीएम मोदी, वैश्विक मंच पर बढ़ा भारत का कद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे ने वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। G7 समिट में भागीदारी, रणनीतिक समझौते और स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान ने इस यात्रा को ऐतिहासिक बना दिया।
पेरिस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हालिया यूरोप दौरा भारत की वैश्विक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव बनकर उभरा है। फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने जहां कई रणनीतिक बैठकों में हिस्सा लिया, वहीं G7 शिखर सम्मेलन में भारत की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
G7 समिट में भारत की सक्रिय भागीदारी
फ्रांस के एवियन क्षेत्र में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीकी सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों से जुड़े मुद्दों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखा। भारत लगातार प्रमुख वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है और G7 में उसकी भागीदारी इसी बढ़ते प्रभाव का संकेत मानी जा रही है।
फ्रांस के साथ रणनीतिक साझेदारी को नई गति
फ्रांस दौरे के दौरान पीएम मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी, नवाचार, स्टार्टअप और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर सहमति बनी।
स्लोवाकिया यात्रा बनी ऐतिहासिक
प्रधानमंत्री मोदी की स्लोवाकिया यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक रही। स्लोवाकिया की स्वतंत्रता के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा थी। इस दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा, परिवहन और विनिर्माण क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। भारत और स्लोवाकिया ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की दिशा में कदम बढ़ाए।
स्लोवाकिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिला
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ऑर्डर ऑफ द व्हाइट डबल क्रॉस’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत और स्लोवाकिया के बीच संबंधों को नई ऊंचाई देने तथा वैश्विक स्तर पर उनकी भूमिका को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है।
100वीं विदेश यात्रा का भी बना रिकॉर्ड
फ्रांस और स्लोवाकिया की इस यात्रा के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कार्यकाल की 100वीं विदेश यात्रा का भी महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया। वर्ष 2014 से अब तक वह 78 देशों का दौरा कर चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत की विदेश नीति और वैश्विक संपर्कों को नई मजबूती मिली है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

विशेषज्ञों के अनुसार, यह दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं था, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका, यूरोप के साथ मजबूत होते संबंधों और नई आर्थिक-तकनीकी साझेदारियों का संकेत भी है। G7 जैसे मंचों पर भारत की सक्रिय भागीदारी दुनिया में उसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है।
भारत की विदेश नीति अब केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। पीएम मोदी का यह यूरोप दौरा इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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Correspondent · GroundWireDaily Media
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